आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
कट गई शाम-ए-ज़ुल्मत, सवेरा हुवादेखो तशरीफ़ लाए हैं ख़ैरुल-वराजिन के तल्वों से चमकेगा ग़ार-ए-हिरादो जहाँ मिल के पढ़ते हैं सल्ले-'अला
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
रहमतों की घटा गिर के छाने लगीहर तरफ़ रौशनी मुस्कुराने लगीज़ुल्मत-ए-कुफ़्र मुँह को छुपाने लगीका'बतुल्लाह से आवाज़ आने लगी
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
ये स'आदत थी सिर्फ़ आमिना के लिएउन का आँगन सजे मुस्तफ़ा के लिएजो हैं दरमाँ ग़म-ए-ला-दवा के लिए'आसियों, बे-कसों पर 'अता के लिए
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
नेक बंदों में जाह-ओ-हशम बाँटनेग़म-कदों में बहार-ए-इरम बाँटनेहम से मंगतों में लुत्फ़-ओ-करम बाँटनेआज अपने पराए का ग़म बाँटने
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
ताजदार-ए-हरम, सय्यिद-ए-मुर्सलाँनूर-ए-हक़ में नहाने लगे दो-जहाँलाए तशरीफ़ सुल्तान-ए-कौन-ओ-मकाँदे रहे हैं ये जिब्रील दे कर अज़ाँ
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
रौशनी दीन-ए-फ़ितरत की लाई गईराह इंसाँ को सीधी दिखाई गईज़ुल्मत-ए-ग़म जहाँ से मिटाई गईहर किसी को ख़बर ये सुनाई गई
आ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गएआ गए, आ गए, आ गए, नूर वाले नबी आ गए
मरहबा मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा मरहबा !
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