नात लिरिक्स

Noor-e-Khuda Muhammad

नूर-ए-ख़ुदा मुहम्मद

नात ख़्वान: अली ज़फ़रशायर: रहमान फ़ारिसउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नूर चमका था जो मदीने मेंआज रौशन है मेरे सीने मेंरात-दिन ना'त पढ़ता रहता हूँअब मज़ा आ रहा है जीने में

नूर-ए-ख़ुदा मुहम्मदशम्सुद्दुहा मुहम्मदकामिल शिफ़ा मुहम्मदसल्ले-'अला मुहम्मद

लौह-ओ-क़लम मुहम्मदशान-ए-हरम मुहम्मदमीठा करम मुहम्मदबदरुद्दुजा मुहम्मद

नूर-ए-ख़ुदा मुहम्मदशम्सुद्दुहा मुहम्मदकामिल शिफ़ा मुहम्मदसल्ले-'अला मुहम्मद

कुल काइनात उन की'अर्शों पे बात उन कीरौशन है ज़ात उन कीआ'ला सिफ़ात उन की

सादिक़ अमीं मुहम्मदमे'राज-ए-दीं मुहम्मदसब से हसीं मुहम्मदसब से जुदा मुहम्मद

नूर-ए-ख़ुदा मुहम्मदशम्सुद्दुहा मुहम्मदकामिल शिफ़ा मुहम्मदसल्ले-'अला मुहम्मद

महबूब-ए-किब्रिया वोमौला-ए-मुर्तज़ा वोमे'राज-ए-अंबिया वोया'नी हैं मुस्तफ़ा वो

शाह-ए-ज़मन मुहम्मदशीरीं-दहन मुहम्मदआक़ा-ए-मन मुहम्मदग़म की दवा मुहम्मद

नूर-ए-ख़ुदा मुहम्मदशम्सुद्दुहा मुहम्मदकामिल शिफ़ा मुहम्मदसल्ले-'अला मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

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