नात लिरिक्स

Naseebon Ko Jagaya Hai Ali Ne

नसीबों को जगाया है अली ने

नात ख़्वान: हम्माद काज़मीशायर: शहबाज़ अलीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नसीबों को जगाया है 'अली नेहमें अपना बनाया है 'अली ने

वो ततहीरे वो 'इज़्ज़त बेटियों कीबचाना ख़ुद सिखाया है 'अली ने

मिटेगी मुस्तफ़ा की नस्ल कैसेकि जब शजरा चलाया है 'अली ने

'अली के नाम पर हम क्यूँ मरे नाहमें जीना सिखाया है 'अली ने

ग़मों ने जब भी मुझ को आ के घेरामुझे आ कर बचाया है 'अली ने

गदा, शहबाज़ ! उन के दर का हूँ मैंजिन्हें अपना बनाया है 'अली ने

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