नात लिरिक्स

Nafas Nafas Mein Ali Ali Ho Nazar Nazar Mein Ali Ali Ho

नफ़स नफ़स में अली अली हो नज़र नज़र में अली अली हो

नात ख़्वान: सय्यिद ज़बीब मसूद शाहशायर: हसनी सय्यिदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

एहतिमाम ऐसा मवद्दत में किए जाऊँगाज़िक्र-ए-हैदर मैं सुनाऊँगा सुने जाऊँगा

मेरे अंदर का जो मीसम है यही कहता हैचाहे कट जाए ज़ुबाँ नाम जपे जाऊँगा

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

नफ़स नफ़स में 'अली 'अली हो, नज़र नज़र में 'अली 'अली होगली गली में 'अली 'अली हो, नगर नगर में 'अली 'अली हो

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

करम के गौहर लुटाएँ हैदर, तो जाम-ए-'इरफ़ाँ पिलाएँ हैदरजो रोज़-ओ-शब के पहर पहर में, सहर सहर में 'अली 'अली हो

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

बहार ज़िक्र-ए-'अली की मस्ती में रक़्स करती उतर रही हैशजर शजर में, कली कली में, समर समर में 'अली 'अली हो

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

उसे बनाएँ 'अली क़लंदर, हों उस के चाकर सभी सिकंदरवो जिस के भी जिस्म-ओ-जान-ओ-रूह-ओ-दिल-ओ-जिगर में 'अली 'अली हो

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

दुरूद लब पर सजा के, हसनी ! नबी नबी कह के घर से निकलूँसफ़र से लौटूँ जो अपने घर को तो मेरे घर में 'अली 'अली हो

'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो'अली 'अली हो, 'अली 'अली हो

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