नात लिरिक्स

Nadan Samajhte Hain Mandir Wo Bana Denge | Ajmer Mein Khwaja Ka Darbar Gira Denge

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगे | अजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

शायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदी और इब्न-ए-अब्बासउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हर दिल में सदा, ख़्वाजा ! तेरा प्यार रहेगादरबार था, दरबार है, दरबार रहेगा

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगेनापाक मक़ासिद के ख़ुद साथ दफ़न होंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

यहाँ हिन्दू, मुसलमाँ, सिख ख़्वाजा के हैं दीवानेवो शम'-ए-मोहब्बत हैं, सब इन के हैं परवानेख़्वाजा की मोहब्बत में हम जान लुटा देंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

हर दिल में सदा, ख़्वाजा ! तेरा प्यार रहेगादरबार था, दरबार है, दरबार रहेगा

जो तोड़ने ख़्वाजा के दरबार को आएगाहरगिज़ वो निकल कर फिर वापिस नहीं जाएगाहम क्या कर सकते हैं ये उन को बता देंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

सुल्तान-ए-मदीना ने ख़ुद हिन्द में भेजा हैऔर हिन्द की धरती का सुल्तान बनाया हैदज्जाल-ए-ज़माना फिर क्या इन का बिगाड़ेंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

ऐ ज़ालिमो ! तुम सुन लो, ये ख़्वाजा के शैदाईकिसी ज़ालिम-ओ-जाबिर से डरते ही नहीं कोईतुम सामने आ जाओ, सर तन से उड़ा देंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

हर दिल में सदा, ख़्वाजा ! तेरा प्यार रहेगादरबार था, दरबार है, दरबार रहेगा

अजमेर के सदक़े ही आबाद है हिन्दुस्ताँअजमेर के ख़्वाजा से हम को है मिला ईमाँहम इस की हिफ़ाज़त में जाँ अपनी लुटा देंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

ख़्वाजा के दीवानों का ज़ालिम से है ये कहनानापाक इरादों को वो तर्क करे वर्नाऐ शौक़-ए-फ़रीदी ! हम कोहराम मचा देंगेहम उन के 'अज़ाइम को मिट्टी में मिला देंगे

नादान समझते हैं मंदिर वो बना देंगेअजमेर में ख़्वाजा का दरबार गिरा देंगे

हर दिल में सदा, ख़्वाजा ! तेरा प्यार रहेगादरबार था, दरबार है, दरबार रहेगा

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