नात लिरिक्स

Nabi Ke Saath Hai Kitni Wafa Siddiq-e-Akbar Ki

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नात ख़्वान: मुहम्मद आ'ज़म क़ादरीशायर: मुहम्मद नदीम ग़ाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे सिद्दीक़ ! मेरे सिद्दीक़ !मेरे सिद्दीक़ ! मेरे सिद्दीक़ !

या अमीर-उल-मोमिनीन ! या अमीर-उल-मोमिनीन !या अमीर-उल-मोमिनीन ! या अमीर-उल-मोमिनीन !

बयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर कीबयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

जवानान-ए-'अरब में पहले जो ईमान लाए हैंपसंद आई नबी को भी अदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

बयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर कीबयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

तरीक़त उन से मिलती है, शरी'अत उन से मिलती हैकि पाई 'आरिफ़ों ने भी ज़िया सिद्दीक़-ए-अकबर की

बयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर कीबयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

वही है ग़ार का साथी, वही रौज़े का साथी हैन देखी है कभी संगत जुदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

बयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर कीबयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

है पहना नाज़ से, ग़ाज़ी ! फ़रिश्तों ने लिबास उन काकि ख़ुद तारीफ़ करता है ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

बयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

नबी के साथ है कितनी वफ़ा सिद्दीक़-ए-अकबर कीबयाँ 'अर्शी करें 'अज़मत सदा सिद्दीक़-ए-अकबर की

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