नात लिरिक्स

Nabi Ke Nawase Hussain Ibn-e-Haider Ladakpan Ka Wada Nibhane Chale Hain

नबी के नवासे हुसैन इब्न-ए-हैदर लड़कपन का वादा निभाने चले हैं

नात ख़्वान: आबिदा ख़ानमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी के नवासे हुसैन इब्न-ए-हैदर, लड़कपन का वा'दा निभाने चले हैंसू-ए-कर्बला वो बहत्तर को ले कर, रज़ा-ए-ख़ुदा सर कटाने चले हैं

वो दुलदुल पे देखो शहादत की धुन में चले तेग़ ले कर के शेर-ए-ख़ुदा कीअकेले वो रन की तरफ़, अल्लाह-अल्लाह ! ल'ईनों की हस्ती मिटाने चले हैं

वो घर से निकल कर, मदीने के बाहर, खड़े कह रहे हैं ये ज़हरा के जानील'ईनों से कह दो कि उम्मत की ख़ातिर हुसैन अपने घर को लुटाने चले हैं

जिधर देखिए मौत का है अँधेरा, ये रो रो के कहता है दिल आज मेराहज़ारों के नर्ग़े में शब्बीर तन्हा लहू अपने दिल का बहाने चले हैं

'अतीक़ ! इब्न-ए-हैदर का सीने में ग़म है, जभी आज मेरी ये आँखें भी नम हैंवो ज़हरा के प्यारे, 'अली के दुलारे, है वक़्त-ए-असर, सर झुकाने चले हैं

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