नात लिरिक्स

Nabi Ka Zikr Hi Khuda Ka Zikr Hai

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र है

शायर: सोहिल क़लीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है'यदुल्लाह' केह दिया तो साबित हो गयानबी का हाथ ही ख़ुदा का हाथ है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है

नबी का ज़िक्र ही

स़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिनस़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिन

हम पे ऐसी अता है नबी की, भूल जाएं तो कैसेहम को खतरे डराएंगे कैसे, पास आएँगे कैसे

ये आँखें नाम नहीं, कोई भी ग़म नहींकरम हुज़ूर का हमारे साथ है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है

नबी का ज़िक्र ही

स़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिनस़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिन

उन का सदक़ा ही महके हुवे हैं दो जहां के नज़ारेउन के फैज़े करम से है रौशन कहकशां और सितारे

ये सारी रौशनी, ये सारी दिलकशीमेरे नबी के हुस्न की ज़कात है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है

नबी का ज़िक्र ही

स़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिनस़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिन

बे-अमल हूँ मगर मेरे आक़ा नज़रे रहमत करेंगेमेरे जैसे गुनाहगार की भी वो शफ़ाअत करेंगे

बड़े अज़ीम हैं, बड़े करीम हैंवो जिन के हाथ में मेरी निजात है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है

नबी का ज़िक्र ही

स़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिनस़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिन

वो जो कह दें वो हो के रहेगा, येही कहता है क़ुरआंउनका फ़ारूक़ी ज़िंदा है फ़रमां, ये हमारा है ईमां

अगर वो दिन कहें तो रातें दिन बनेंकहें वो दिन को रात तो वो रात है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है'यदुल्लाह' केह दिया तो साबित हो गयानबी का हाथ ही ख़ुदा का हाथ है

नबी का ज़िक्र ही

नबी का ज़िक्र ही ख़ुदा का ज़िक्र हैनबी की बात ही ख़ुदा की बात है

नबी का ज़िक्र ही

स़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिनस़ल्ले अ़ला नबीयेना, स़ल्ले अ़ला मुह़म्मदिन

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