नात लिरिक्स

Nabi Aap Ko Maine Dekha Nahi Hai | Hasrat-e-Deedar-e-Nabi

नबी आप को मैं ने देखा नहीं है | हसरत-ए-दीदार-ए-नबी

नात ख़्वान: मुदस्सिर अब्दुल्लाहशायर: मौलाना अबू-जाफ़रउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

हाँ ये बात सच है, हक़ीक़त यही हैनबी ! आप को मैं ने देखा नहीं है

न दौर-ए-मुहम्मद में पैदा हुआ मैंन साथी सफ़र का कभी बन सका मैंन आक़ा की आवाज़ तक सुन सका मैंन ग़ज़वात में मुशरिकों से लड़ा मैंन हिजरत की लज़्ज़त हुई मुझ को हासिलन हो पाया अन्सार की सफ़ में शामिलनबी आप जिस दम थे ग़ार-ए-हिरा मेंकोई ज़ाद-ए-राह भी न पहुँचा सका मैंमगर सच है ये भी, क़सम है ख़ुदा कीमोहब्बत मुझे आप से है, नबी जी !

सल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

मुझे आप के घर से, दर से मोहब्बतसफ़र से मोहब्बत, हज़र से मोहब्बतमुझे आप के हर पहर से मोहब्बतहर इक रास्ते, राह-गुज़र से मोहब्बतवो ईमा-ए-शक़्क़ुल-क़मर से मोहब्बतज़क़न से, दहन से, नज़र से मोहब्बतनुबुव्वत की जिस ने गवाही दी, आक़ा !हाँ उस गोह से, उस हजर से मोहब्बतये बे-ढंग सी मेरी मोहब्बत का तोहफ़ाक्या उस की इजाबत का है कोई रस्ता

सल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

न बू-बक्र सा मैं रफ़ीक़-ए-सफ़र हूँन 'उस्मान-ओ-हैदर हूँ, न मैं 'उमर हूँन तल्हा, न हम्ज़ा, स'ईद-ओ-स'अद हूँअनस जैसा ख़ादिम न ख़ालिद असद हूँन मैं इब्न-ए-'औफ़-ओ-ज़ुबैर-ओ-'उबैदान मैं बू-दुजाना, म'आज़-ओ-क़तादान अरक़म, न अख़नस, बिलाल और यह्यान मिस्ल-ए-यसार और यासिर न या'लामैं इन सब के क़दमों के ज़र्रों का ज़र्रामगर, ऐ नबी ! आप का हूँ मैं शैदा

सल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना, सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

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