न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
नबी के सच्चे गुलाम बन करकुफ़र की मुठ्ठी में बोले कंकरये कंकरों ने सबक पढ़ायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
मुनाफ़िक़ों को ख़बर नहीं हैके आक़ा उन से बशर नहीं हैबशर की सूरत में नूर आयाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
हुज़ूर तैय्यब, हुज़ूर ताहिरहुज़ूर अव्वल, हुज़ूर आखिरमेरे नबी सा कोई न आयाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
नबी से चाहत है शर्ते-ईमांहज़ार जानें नबी पे क़ुर्बांसहाबियों ने यहीं बतायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
अजब समां था, अजब गड़ी थीहुज़ूर सिदरा को जा रहे थेख़ुदा ने अर्शे-बरी सजायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
खुदा के प्यारे हबीब आएदुखी दिलों के तबीब आएहरम को भी आज वज्द आयाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
विलादते-मुस्तफ़ा का चर्चारहेगा जारी हमेशा कातिबतमाम आलम में नूर छायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
न कोई सानी, न कोई सायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं हैख़ुदा ने सब से जुदा बनायाहुज़ूर जैसा कोई नहीं है
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