नात लिरिक्स

Mustafa Nazr e Karam Farmaenge

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगे

उपलब्ध: हिंदी

ना ये बात शान से है, ना ये बात माल-ओ-ज़र कीवही जाता है मदीने आक़ा जिसे बुलाएं

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

साक़ी-ए-कौसर करम फरमाएंगेहम पियेंगे, वो पिलाते जाएंगे

एक दिन हम भी मदीने जाएंगे

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

शब्बरो-शब्बीर जान-ए-फ़ातिमाअपने नाना से हमें मिलवाएंगे

एक दिन हम भी मदीने जाएंगे

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

सब्ज़-गुम्बद पर नज़र जब जाएगीकाम सब बिगड़े हुवे बन जाएंगे

एक दिन हम भी मदीने जाएंगे

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

सोऊंगा मैं आज फिर इस आस परख़्वाब में जल्वा दिखाने आएँगे

एक दिन हम भी मदीने जाएंगे

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

जाग उठेगी मेरी क़िस्मत अलीजब क़दम उन के मेरे घर आएंगे

एक दिन हम भी मदीने जाएंगे

मुस्तफ़ा नज़रे-करम फरमाएंगेएक दिन हम भी मदीने जाएंगे

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