नात लिरिक्स

Mujhe Bheek Do

मुझे भीक दो

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी -उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कहाँ जाऊँ मैं, ए मेरे शहा !तेरे दर पे आ के खड़ा हूँ मैंमुझे भीक दो, मुझे भीक दोतेरी भीक पर मुझे नाज़ हैतेरी भीक पर ही पला हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

तेरे दर पे सर को झुका लियामैंने अपना आप मिटा लियाइसी वास्ते मेरी शान हैतेरी ख़ाक-ए-पा से जुड़ा हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

यही ख़ास है, यही 'आम हैतेरे नाम से मेरा नाम हैमेरी लाज है तेरे हाथ मेंतेरे आस्ताँ का गदा हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

'अली मौला, ज़हरा के चैन कामुझे सदक़ा दो हसनैन कानहीं मेरा तेरे सिवा कोईतेरे आस्ताँ पे पड़ा हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

मेरे दर्द से तू है आश्नामेरे दिल में क्या है, तुझे ख़बरमेरे अश्क़ में मेरा 'इश्क़ हैइन्हीं आँसूओं में छुपा हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

मेरी ज़ात तुझ से छुपी नहींजो मिली है मुझ को ये रौशनीतेरे नूर से है ज़िया मेरीतेरी भीक से ही ज़िया हूँ मैं

मुझे भीक दो, मुझे भीक दो

तेरी भीक पर मुझे नाज़ हैतेरी भीक पर ही पला हूँ मैं

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