नात लिरिक्स

Muhammad Naam Aisa Hai Ke Jis Lab Par Ye Naam Aaya

मुहम्मद नाम ऐसा है कि जिस लब पर ये नाम आया

नात ख़्वान: जवाद रज़ा क़ादरीशायर: शाकिर फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला, नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अलानाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला, नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला

सल्ले-'अला नबिय्येना, सल्ले-'अला मुहम्मदिनसल्ले-'अला नबिय्येना, सल्ले-'अला मुहम्मदिन

मुहम्मद नाम ऐसा है कि जिस लब पर ये नाम आयाइता'अत हो गई वाजिब, शफ़ा'अत का पयाम आया

मोहब्बत का तक़ाज़ा था, यही दिल की तमन्ना थीकि हर लब पर दुरूद आया, कि हर दिल में सलाम आया

जहाँ वालों ने पूछा जब कि क्या है दीन का जौहरज़ुबाँ पर था फ़क़त क़ुरआन, दिल में उन का नाम आया

श'ईर-ओ-तूर से फूटे यक़ीनन चश्मे नूरानीमगर फ़ारान का बादल तो सागर था मदाम आया

ज़मीं वालो ! मुबारक हो कि ये अर्ज़-ए-मुतह्हर हैमुरीद-ए-बा-सफ़ा बन कर मलाइक का इमाम आया

ग़ुलामान-ए-मुहम्मद का जहाँ में मर्तबा देखोकि हर दिल में मुक़द्दस है, ज़ुबाँ पर एहतिराम आया

मुक़द्दस हस्तियाँ, शाकिर ! अगरचे और भी तो हैंसर-ए-'अर्श-ए-बरीं लिक्खा, मगर उन का ही नाम आया

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