नात लिरिक्स

Mubarak Ho Mah-e-Ramzan Aaya

मुबारक हो मह-ए-रमज़ान आया

नात ख़्वान: ताहिर रज़ा रामपुरीशायर: ताहिर रज़ा रामपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुबारक हो मह-ए-रमज़ान आयासभी के हाथ में क़ुरआन आया

उतर आई हैं जन्नत की ग़िज़ाएँजब इफ़्तारी का दस्तर-ख़्वान आया

मह-ए-रमज़ान की ये 'अज़मतें हैंकि हर एक क़ैद में शैतान आया

ख़ुशी की लहर रोज़े-दार में हैबे-रोज़े-दार पे तूफ़ान आया

ऐ ताहिर ! क्या बताऊँ शान इस कीअलग ले कर के अपनी शान आया

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