नात लिरिक्स

Muawiya Ki Azmaton Pe Jaan-o-Dil Fida Karo | Mere Muawiya

मुआविया की अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करो | मेरे मुआविया

शायर: सिब्ग़तुल्लाह इक़बालउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे मु'आविया ! प्यारे मु'आविया !

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया से प्यार था, मु'आविया से प्यार हैमु'आविया का ज़िक्र-ए-ख़ैर जा-ब-जा किया करो

मु'आविया कहा करो, मु'आविया कहा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया इमाम था, मु'आविया इमाम हैमु'आविया के हासिदो ! न दीन से दग़ा करो

मु'आविया कहा करो, मु'आविया कहा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया के मुन्किरो ! ज़ुबान को लगाम दोमु'आविया के नाम से न रोज़-ओ-शब जला करो

मु'आविया कहा करो, मु'आविया कहा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया के हासिदीं हसद की आग में जलेंमु'आविया के मुन्किरों के रू-ब-रू हँसा करो

मु'आविया कहा करो, मु'आविया कहा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया के नाम से मुनाफ़िक़ों को बुग़्ज़ हैमु'आविया के दुश्मनों को ग़म में मुब्तला करो

मु'आविया कहा करो, मु'आविया कहा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

मु'आविया की 'अज़मतों पे जान-ओ-दिल फ़िदा करोमु'आविया पे मन्क़बत लिखा करो, पढ़ा करो

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।