मोमिनो ख़ुशियाँ मनाओ, चाँद निकला ईद कानूर की शम्ए जलाओ, चाँद निकला ईद का
घर को अपने तुम सजाओ चाँद निकला ईद कारौशनी से झगमगाओ, चाँद निकला ईद का
दो मुबारकबाद सबको ईद की ऐ मोमिनो !सर को सज़्दे में झुकाओ, चाँद निकला ईद का
रब ने रोज़ेदार को अब ईद का तोहफा दियाईद के नग्में सुनाओ, चाँद निकला ईद का
उन ग़रीबों के मकां पर भेजिएगा खीर आजऔर यतीमों को खिलाओ, चाँद निकला ईद का
छोटे बच्चे, नौजवां या हो बुज़ुर्ग कोई भीसबको सीने से लगाओ, चाँद निकला ईद का
ईद आई लेके ख़ुशियाँ, रब की रहमत, बरकतेंखाली दामन भरते जाओ, चाँद निकला ईद का
पहन लो कपड़े नए फिर ईदगाह को चलोसून्नते अपनाते जाओ, चाँद निकला ईद का
ईद की खुशियो में शामिल हो गए हैं सब के सबझुम कर सब मिल के गाओ, चाँद निकला ईद का
अपने माथे पर सजा लो सब्ज़ इमामे की बहारइत्र भी सब के लगाओ, चाँद निकला ईद का
आज ईदी में मिलेगी सबको बेख़ुद जन्नतेंजाके सबको तुम बताओ, चाँद निकला ईद का
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