नात लिरिक्स

Mila Hai Mangne Walon Ko Sadqa Ghaus-e-Azam Ka

मिला है माँगने वालों को सदक़ा ग़ौस-ए-आज़म का

नात ख़्वान: जौहर वैशालवीशायर: जौहर वैशालवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिला है माँगने वालों को सदक़ा ग़ौस-ए-आ'ज़म काकभी ख़ाली नहीं लौटा है मँगता ग़ौस-ए-आ'ज़म का

मुबारक हो रुऊसान-ए-शहर की चौखटें तुम कोहमारे वास्ते काफ़ी है टुकड़ा ग़ौस-ए-आ'ज़म का

मेरे आ'माल मुझ को ले के जाएँगे जहन्नम तकमगर मुझ को बचा लेगा वसीला ग़ौस-ए-आ'ज़म का

मेरे सरकार-ए-सुरकाँही की 'अज़मत पूछते क्या होहै मेरा रहनुमा बेशक दुलारा ग़ौस-ए-आ'ज़म का

फ़रिश्ते देख कर उस को लहद में मुस्कुराएँगेजो दिल से हो गया, जौहर ! है शैदा ग़ौस-ए-आ'ज़म का

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