नात लिरिक्स

Mila Ali Ka Gharaana Ki Ham Madaari Hain

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

नात ख़्वान: सय्यिद शजर अलीउपलब्ध: हिंदी

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैंबने न कैसे निशाना कि हम मदारी हैं

फ़लक़ पे चाँद सितारे भी देखिए मिल करये गा रहे हैं तराना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैंक़सम ख़ुदा की ! ये नेअ'मत है दो-जहाँ के लिएकिसी से तुम न छुपाना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

अगर समझ ले मदार-ए-जहाँ की अज़मत कोतो फिर कहेगा ज़माना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

हमें मिली है हुसैनी अदा विरासत मेंहै ठोकरों में ख़ज़ाना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

हमारे पास है इश्क़-ए-मदार की दौलतहै ठोकरों में ख़ज़ाना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

नबी से राब्ता रखने की आरज़ू हो अगरतो हम से मिलना मिलाना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

ये बात शाफ़े-ए-महशर को ना-गवार होगीहमारा दिल न दुखाना कि हम मदारी हैं

मिला अली का घराना कि हम मदारी हैं

कोई जो पूछे कि, शोहरत ! है तेरी क्या निस्बतउसे बस इतना बताना कि हम मदारी हैं

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