नात लिरिक्स

Meri Zindagi Ke Rahbar Bade Peer Ghaus-e-Azam

मेरी ज़िंदगी के रहबर बड़े पीर ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: अख़्तर परवाज़ नईमीशायर: अख़्तर परवाज़ नईमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी ज़िंदगी के रहबर, बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म !नहीं तुम सा कोई बेहतर, बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरे दिल की आरज़ू है, तेरे आस्ताँ पे आ कररहूँ बन के तेरा नौकर, बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म !

अब तो जगा दो क़िस्मत, अपनी दिखा दो सूरतऐ औलिया के सरवर बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म !

शेर-ए-बबर को फाड़ा कुत्ते ने एक पल मेंतेरा करम था उस पर, बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मैं ने पुकारा जब भी, फ़ौरन मदद को आएफ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से, अख़्तर ! बड़े पीर ग़ौस-ए-आ'ज़म

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