तेरा हुसैन, मेरा हुसैनसब का हुसैन, मौला हुसैन
या शहीद-ए-कर्बला, या शहीद-ए-कर्बला
मेरे ख़ुदा की रिज़ा हैं अली के लख़्त-ए-जिगरनबी के दीं पे फ़िदा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
शहज़ादा अली का, प्यारा है नबी काज़हरा का लाडला, महबूब सभी का
फ़क़ीरों आओ ! सदा दे रहे हैं ये अब्बाससरापा बाब-ए-सख़ा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
शहज़ादा अली का, प्यारा है नबी काज़हरा का लाडला, महबूब सभी का
हुसैनी ख़ून से वो इंक़िलाब आया हैमिटा है कुफ्र, बक़ा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
तेरा हुसैन, मेरा हुसैनसब का हुसैन, मौला हुसैन
मेरे रसूलने सरदार-ए-ख़ुल्द इन को चुनातभी तो सब से जुदा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
शहज़ादा अली का, प्यारा है नबी काज़हरा का लाडला, महबूब सभी का
उखाड़ फ़ेंको जहाँ से यज़ीदियत का अलमतुम्हारे साथ सदा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
शहज़ादा अली का, प्यारा है नबी काज़हरा का लाडला, महबूब सभी का
पीला गए हैं वो पानी सुलगती रेती कोमक़ाम-ए-सब्र-ओ-वफ़ा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
तेरा हुसैन, मेरा हुसैनसब का हुसैन, मौला हुसैन
क़याम फ़िक्र हो क्यूँ ! दिल तेरा हुसैनी हैमरीज़-ए-दिल की दवा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
अली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगरअली के लख़्त-ए-जिगर, अली के लख़्त-ए-जिगर
शहज़ादा अली का, प्यारा है नबी काज़हरा का लाडला, महबूब सभी का
मेरे ख़ुदा की रिज़ा हैं अली के लख़्त-ए-जिगरनबी के दीं पे फ़िदा हैं अली के लख़्त-ए-जिगर
मेरे प्यारे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे प्यारे हुसैन
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