नात लिरिक्स

Mere Dard-e-Dil Ki Sada Hai Muhammad

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मद

उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

मेरे दिल में कितनी है उन की मोहब्बतदिल-ए-ना-तवाँ में बसी उन की 'अज़मतन मुमकिन है उस को कभी मैं बयाँ दूँहक़ीक़त में रब की 'अता है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

मेरी आँखों में है वो ताइफ़ का मंज़रमुनाफ़िक़ ने जो उन पे बरसाए पत्थरलहू साफ़ कर के कहा आप ने थाकि आगे दिलों में बक़ा है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

ज़मीं से फ़लक तक रसाई नबी कीसिफ़ारिश है उम्मत ने पाई नबी कीवो मे'राज की शब ख़ुदा से मिले हैंयूँ अर्ज़-ओ-समाँ पर वफ़ा है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

है जिन के दिलों में मोहब्बत ख़ुदा कीकरेंगे इता'अत वो ख़ैर-उल-वरा कीउन्हें मर्तबा सब से ऊँचा मिला हैकि सब से बलंद मर्तबा है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

फ़रिश्ते भी पढ़ते हैं फ़रमान उन परसहाबा भी लाते हैं ईमान उन परनबी के तरीक़े पे चलना है लाज़िमसभी के लबों पर सना है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

न भटकें कभी राह-ए-हक़ के मुसाफ़िरजो रहबर बनाया उन्हें हम ने आख़िरकि हर काम पर रौशनी बाँटते हैंअँधेरों में रौशन ज़िया है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

क़लम मेरा 'आजिज़ है आँखों में आँसूहै ग़म कितना, मौला ! ये कैसे बताऊँमुझे तू बुला ले, ख़ुदाया ! मदीनाफ़क़ीरा ने रो कर लिखा है मुहम्मद

मेरे दर्द-ए-दिल की सदा है मुहम्मदमेरे सब दुखों की दवा है मुहम्मद

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