नात लिरिक्स

Meraj Ki Ratiya Dhoom Ye Thi Ek Raj Dulara Aawat Hai

मेराज की रतिया धूम ये थी इक राज दुलारा आवत है

नात ख़्वान: प्रोफ़ेसर अब्दुल रऊफ़ रूफ़ीशायर: मुमताज़ गंगोहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मे'राज की रतिया धूम ये थी, इक राज दुलारा आवत हैलौलाक का सेहरा सर सोहत, वो अहमद प्यारा आवत है

हूरों ने कहा जब बिस्मिल्लाह, ग़िलमाँ ने पुकारा इल्लल्लाहख़ुद रब ने कहा माशा-अल्लाह महबूब हमारा आवत है

जिब्रील-ए-अमीं ये कहते चले, ऐ 'अर्शियो ! तुमरे भाग जगेता'ज़ीम को सब हो जाओ खड़े, सरदार तुम्हारा आवत है

यासीं की चमक है दातन में, ताहा का करिश्मा आँखन मेंवल-फ़ज्र का जल्वा गालन में, वो 'अर्श का तारा आवत है

मा-ज़ाग़ का कजला नैन भरे, वश्शम्स का बुटना मुख पे मलेहै मीम का घूँघट सेहरे तले, वो रब का सँवारा आवत है

धरती से उठा आफ़ाक़ चढ़ा, मुमताज़ ! ये ग़ुल था चारों तरफ़लो हक़ से मिलने सल्ले-'अला सरदार हमारा आवत है

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