मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
नहीं माल-ओ-ज़र तो क्या है ! मैं ग़रीब हूँ यही ना !मेरे इश्क़ मुझ को ले चल तू ही जानिब-ए-मदीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीनादीदार-ए-मुस्तफ़ा को आँखें तरस रही हैंदुश्वार हो गया है उन के बग़ैर जीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
तस्वीर-ए-मुस्तफ़ा जो नज़र आ रही है दिल मेंमैं सोचता हूँ दिल में, मेरा दिल है या मदीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
मुझे गर्दिशों न छेड़ो, मेरा है कोई जहाँ मेंमैं अभी पुकार लूँगा, नहीं दूर है मदीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
शब-ओ-रोज़ बढ़ रहा है मेरी तिश्नगी का आलमये प्यास कब बुझेगी, मेरे साक़ी-ए-मदीना !
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
मुश्क-ओ-गुलाब-ओ-अम्बर हर एक शय से बेहतरदोनों जहाँ में महका सरकार का पसीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
इक़बाल ना-तवाँ की बस एक इल्तिजा हैरहे ज़िंदगी सलामत, मैं भी देख लूँ मदीना
मेरा दिल तड़प रहा है, मेरा जल रहा है सीनाकि दवा वहीं मिलेगी, मुझे ले चलो मदीना
केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।