नात लिरिक्स

Meetha Meetha Naam-e-Muhammad Dil Mein Basae Rakhunga

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा का प्यारा नाम, लब पे है सुब्ह-ओ-शामआक़ा का प्यारा नाम, लब पे है सुब्ह-ओ-शाम

ये नाम कोई काम बिगड़ने नहीं देताबिगड़े भी बना देता है बस नाम-ए-मुहम्मद

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगादिल से न जाए 'इश्क़-ए-मुहम्मद दिल में सँभाले रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

नाम-ए-मुहम्मद ग़म की दवा है, नाम-ए-मुहम्मद मेरी शिफ़ा हैनाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला मैं लब पे सजाए रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

बचपन से माँ-बाप ने मुझ को उन से 'इश्क़ सिखाया हैउन की ग़ुलामी का मैं सेहरा सर पे सजाए रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

नाम-ए-मुहम्मद की बरकत से सारी दुनिया रौशन हैना'त-ए-मुहम्मद पढ़ पढ़ कर मैं घर में उजाले रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

सारी बलाएँ टल जाएँगी, रौनक़ होगी हर ज़ानिबघर में दुरूदों की महफ़िल के दीप जलाए रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

शौक़-ए-फ़रीदी ! उन की सना ने मुझ को किया मशहूर-ए-ज़माँउन की सना मैं वक़्त-ए-क़ज़ा भी लब पे सजाए रक्खूँगा

मीठा मीठा नाम-ए-मुहम्मद दिल में बसाए रक्खूँगा

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