नात लिरिक्स

Mausam Suhana Hua Nabi Ka Jab Aana Hua

मौसम सुहाना हुआ नबी का जब आना हुआ

नात ख़्वान: सलीम रज़ा पीलीभीतीशायर: सलीम रज़ा पीलीभीतीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौसम सुहाना हुआ, नबी का जब आना हुआमेरे आक़ा के जल्वों से रौशन ज़माना हुआ

क़ुर्बान जाऊँ मैं ये बोले जिब्रील-ए-अमींकि सिदरा से भी आगे नबी का जब जाना हुआ

उवैस-ए-करनी ने ख़ुद को मिटा डालाबिन देखे आक़ा का जब दिल दीवाना हुआ

ज़ाहिर में इल्लल्लाह, बातिन में न'ऊज़ु-बिल्लाहनज़्दी वहाबी का नाटक पुराना हुआ

दीन-ए-मुहम्मद की ख़ातिर 'अली तेराक़ुर्बान कर्बल में सारा घराना हुआ

दिन हो गया रौशन, तारीकियाँ मिट गईंमेरे नबी का जब कहीं भी मुस्कुराना हुआ

ग़ुस्ताख़ियाँ कर के सच है, सलीम-ए-रज़ा !नज़्दी वहाबी का दोज़ख़ ठिकाना हुआ

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