नात लिरिक्स

Maula Ali Maula ! Maula Ali Maula !

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

उपलब्ध: हिंदी

अली का नाम लेता हूँ, मुनाफ़िक़ कट के गिरते हैंबताओ दोस्तो मेरी तलवार कैसी है

मंज़र फ़ज़ा-ए-दहर में सारा अली का हैजिस सम्त देखिए वो नज़ारा अली का है

ख़मोश है तो दीन की पहचान अली हैगर बोले तो लगता है के कुरआन अली हैहर एक यज़ीदी से कह दो हाश्मी ! खुल करइस्लाम अली है मेरा ईमान अली है

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

मुझे मुश्किल से क्या ख़तरा ! अली का नाम काफ़ी हैअजल का रोक दूँ  रस्ता ! अली का नाम काफ़ी हैलहद मे या अली कह कर अचानक जो मैं उठ बैठा !फ़रिश्तो ने कहा सो जा, अली का नाम काफ़ी है

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

जो ना ख़ैरात ले तुझ से, तवंगर हो नहीं सकताजिसे तू भीक ना दे वो सिकंदर हो नहीं सकताविलायत की जहाँगीरी तेरी बख़्शिश को कहते हैंतेरे दर पर न झाड़ू दे ! कलंदर हो नहीं सकता

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

दुनिया में कोशिश तो बहुत की गई लेकिनकूज़े के मुक़द्दर में समंदर नहीं आयाहैदर को समझ पाएगी भला ये दुनिया कैसे !दुनिया की समझ मे तो क़लन्दर नहीं आया

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

अली के नाम का नारा लगा नहीं सकताअली के ज़िक्र की महफ़िल सजा नहीं सकताअली के बेटे इजाज़त ना दे तोकिसी का बाप भी जन्नत मे जा नहीं सकता

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

बेदम यही तो पांच हैं मक़्सूद-ए-काएनातख़ैरुन्निसा, हुसैनो-हसन, मुस्तफ़ा, अ़ली

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

अली का घर भी क्या घर है !  के जिस घर का हर एक बच्चाजहाँ पैदा हुआ शेर-ए-ख़ुदा मालूम होता है

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

हुए क्या से क्या ! या अली कहने वालेवली बन गए या अली कहने वाले

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

हर कोई ज़माने का वली हो नहीं सकताहर साहिब-ए-औसाफ़-ए-जली हो नहीं सकतामत तोल उसे अक़्ल के मीज़ान पर वाइज़जो अक़्ल में आ जाए अली हो नहीं सकता

मौला अली मौला ! मौला अली मौला !मौला अली मौला ! मौला अली मौला !

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