नात लिरिक्स

Martaba Rab Ne Kiya Aa'la Shab-e-Me'raaj Ka

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारी - तय्यब रज़ा अत्तारीशायर: सलीम रज़ा अत्तारी क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा मे'राज-ए-नबी ! मरहबा मे'राज-ए-नबी !वाह वाह ! मे'राज-ए-नबी ! वाह वाह ! मे'राज-ए-नबी !

वो कैसा हसीं मंज़र होगा ! जब दूल्हा बना सरवर होगा'उश्शाक़ तसव्वुर कर कर के बस रोते ही रह जाते हैं

मे'राज की शब तो याद रखा, फिर हश्र में कैसे भूलेंगे'अत्तार ! इसी उम्मीद पे हम दिन अपने गुज़ारे जाते हैं

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का'अर्श से आगे गया दूल्हा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

आप थे आराम-फ़रमा उम्म-ए-हानी के यहाँजब सुना जिब्रील से मुज़्दा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

था जो बरसों का सफ़र, इक आन में वो हो गयाक्या बताऊँ कितना था 'अर्सा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

गर्म बिस्तर भी रहा, ज़ंजीर भी हिलती रहीप्यारे आक़ा को दिया तोहफ़ा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

पाँच वक़्तों की नमाज़ें मेरे अल्लाह पाक नेप्यारे आक़ा को दिया तोहफ़ा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

मस्जिद-ए-अक़्सा में आमद सारे नबियों की हुईसारे नबियों ने पढ़ा ख़ुत्बा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

नूरी मरकब, नूरी दूल्हा, नूरियों की है बरातहोता है यूँ शान से जाना शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

रश्क आता है मुझे लैल-ओ-क़मर पर, ए ज़मीं !ख़ूबसूरत क्या समाँ देखा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

तालिब-ओ-मतलूब के राज़ों का है किस को पताहश्र में होगा अयाँ पर्दा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

इल्तिजा है ये सलीम-ए-क़ादरी की, ए ख़ुदा !इस को भी हो कुछ 'अता तोहफ़ा शब-ए-मे'राज का

मर्तबा रब ने किया आ'ला शब-ए-मे'राज का

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