नात लिरिक्स

Marhaba Salle Ala Salle Ala Salle Ala | Ziya Yazdani

मरहबा सल्ले-अला सल्ले-अला सल्ले-अला | ज़िया यज़्दानी

नात ख़्वान: ज़िया यज़्दानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अलामरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अला

आप जब आए तो ये ग़ैब से आती थी सदामरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अला

हर तरफ़ शोर हुआ रब के पयंबर आएहैं जो हम सब के शफ़ी' आज वो सरवर आएसारे 'आलम के लिए बन के वो रहबर आएहैं जो महबूब-ए-ख़ुदा शाफ़े'-ए-महशर आएआप को देख के ये चाँद-सितारों ने कहामरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अला

क़त्ल का कर के इरादा वो चले थे घर सेकह रहे थे ये बड़ी शान बड़े तेवर सेजिस्म कर देंगे जुदा आज नबी का सर सेजब लड़ी उन की नज़र चेहरा-ए-पैग़ंबर सेगिर के सरकार के क़दमों पे 'उमर ने ये कहामरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अला

बू-जहल ने ये कहा काम मेरा सुलझा देंशान वाले हैं अगर शान हमें दिखला देंऐ नबी ! हम पे यही एक करम फ़रमा देंमेरी मुट्ठी में है क्या चीज़ हमें बतला देंझूम कर कलमा शह-ए-दीन का कंकर ने पढ़ामरहबा सल्ले-'अला, सल्ले-'अला, सल्ले-'अला

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