नात लिरिक्स

Main Tere Qurban Muhammad

मैं तेरे क़ुर्बान मुहम्मद

नात ख़्वान: हूरिया फ़हीमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बानकहीं मुज़म्मिल, कहीं मुदस्सिर या रूह-उल-क़ुरआन

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

'अर्श-ए-बरीं से फ़र्श-ए-ज़मीं तक सब तेरा सरमायाये 'आलम या वो 'आलम हो, सब पे तेरा सायाये रुत्बा ये शान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

औज-ए-सुरय्या, 'अर्श-ए-बरीं सब तेरे क़दम के नीचेहूर-ओ-मलाइक, जिन्न-ओ-बशर सब तेरे पीछे पीछेऐ रब के मेहमान मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

तेरी याद में रोने वाली आँख जिसे मिल जाएरद्द-ए-बला हो, ग़म की दवा हो, दामन भी धुल जाएबख़्शिश का सामान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

अदीब ! आख़िर मेरी मोहब्बत इतना तो रंग लाईमेरी ज़बाँ से ना'त-ए-मुहम्मद ख़ल्क़त सुनने आईमेरे सुख़न की जान मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

मैं तेरे क़ुर्बान, मुहम्मद ! मैं तेरे क़ुर्बान

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