नात लिरिक्स

Main Hoon Ghous Ka Deewana Fikar Nahin Koi

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना फ़िकर नहीं कोई

नात ख़्वान: मुहम्मद मुबश्शिर हसनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !

जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !

मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोईफ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई

चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोईचाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिरया साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !

जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !

मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !

जानता ये है तेरी करामत हर इक चाहने वालाडूबी हुई कश्ती को तुम ने इक पल में निकालाजब भी मुश्किल आए, ना'रा ग़ौस का लगाना

ना'रा ग़ौस का लगाना, फ़िकर नहीं कोईना'रा ग़ौस का लगाना, फ़िकर नहीं कोई

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोईफ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई

चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोईचाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

दर पे तुम्हारे जो भी आए, मन की मुरादें पाएहर इक को ख़ैरात मिली है, ख़ाली न कोई जाएतेरे दर के टुकड़ों से पलता है सारा ज़माना

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिरया साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !

जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !

मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !

क़ब्र में आ के नकीरों ने इक धोबी से पूछाअल्लाह से, महबूब से उस के, तेरा क्या है रिश्ता ?बोला, मैं हूँ ग़ौस का शैदा, हाथ न लगाना

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोईफ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई

चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोईचाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

ग़ौस-ए-आ'ज़म के गुन गाना, चाहे दुनिया रूठेग़ौस पिया का दामन तेरे हाथों से न छूटेचाहे मुश्किल जो भी आए, तुम न कभी घबराना

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिरया साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !

जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !

मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !

जान-ओ-दिल सब तुम पे फ़िदा हैं, ग़ौस पिया जीलानी !वलियों के सरदार तुम्हीं हो, महबूब-ए-सुब्हानी !जो भी पुकारे दिल से तुम को, उस की मदद को आना

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोईफ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई

चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोईचाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

रो रो के मैं तुम को पुकारूँ, अपने दर पे बुलाओमौला 'अली के सदक़े में क़िस्मत को चमकाओहसन और मुबश्शिर को भी अपने दर पे बुलाना

मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोईमैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई

शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिरया साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !

जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !

मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !

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