नात लिरिक्स

Mahboob-e-Kibriya Se Mera Salaam Kehna

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहना

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारी - मेहमूद अत्तारीशायर: अल्लामा शारिक़ इरायानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

तुझ पर ख़ुदा की रहमत, ए 'आज़िम-ए-मदीना !नूर-ए-मुहम्मदी से रौशन हो तेरा सीनाजब साहिल-ए-'अरब पर पहुँचे तेरा सफ़ीनाउस वक़्त सर झुका कर, लिल्लाह बा-क़रीनाउस ज़ात-ए-मुस्तफ़ा से मेरा सलाम कहना

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

दरबार-ए-मुस्तफ़ा की हासिल हो जब हुज़ूरीपेश-ए-नज़र हो जिस दम वो बारगाह-ए-नूरीहो दूर रंज-ओ-कुल्फ़त, मिट जाए फ़िक्र-ए-दूरीदीदार-ए-मुस्तफ़ा की जब आरज़ू हो पूरीवश्शम्स की ज़िया से मेरा सलाम कहना

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

राह-ए-तलब की लज़्ज़त जब क़ल्ब को मज़ा दे'इश्क़-ए-नबी-ए-मुर्सल जब रूह को जिला देजब सोज़-ए-'आशिक़ाना जज़्बात को जगा देहस्ती का ज़र्रा ज़र्रा जब आह की सदा दे'आलम के दिलरुबा से मेरा सलाम कहना

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

साहिल पे आते आते मौजों को चूम लेनामौजों के बा'द दिलकश ज़र्रों को चूम लेनाउस पाक सरज़मीं की राहों को चूम लेनाफूलों को चूम लेना, काँटों को चूम लेनाफिर नूर-ए-वद्दुहा से मेरा सलाम कहना

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

रौज़े की जालियों के जिस दम क़रीब जानारो रो के हाल-ए-मुस्लिम सरकार को सुनानाबेसाख़्ता मचलना, जोश-ए-जुनूँ दिखानासीने में भी बसाना, आँखों में भी बसानाफिर नूर-ए-हक़-नुमा से मेरा सलाम कहना

महबूब-ए-किब्रिया से मेरा सलाम कहनासुलतान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

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