नात लिरिक्स

Leta Hun Is Liye To Main Naam-e-Muawiya

लेता हूँ इस लिए तो मैं नाम-ए-मुआविया

नात ख़्वान: सबतर अख़्तरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लेता हूँ इस लिए तो मैं नाम-ए-मु'आवियामैं हूँ ग़ुलाम इब्न-ए-ग़ुलाम-ए-मु'आविया

हाथों में उन के हाथ न देते कभी हसनएक भी न ठीक होता जो काम-ए-मु'आविया

हम ने तो देखनी है फ़क़त निस्बत-ए-नबीहै उन के क़ुर्ब वालों में नाम-ए-मु'आविया

नज़राना उन का लेते थे हसनैन शौक़ सेदेते थे वापसी पे सलाम-ए-मु'आविया

निकली है उन की मद्ह ज़बान-ए-हुज़ूर सेहै किस-क़दर बुलंद मक़ाम-ए-मु'आविया

मौला 'अली ने जाना न उन को कभी बुरावो भी अदब से लेते थे नाम-ए-मु'आविया

ये है रज़ा का फ़ैज़ कि राशिद के हाथ मेंहुब्ब-ए-'अली की मय है और जाम-ए-मु'आविया

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