नात लिरिक्स

Le Ke Sab Rehmatein Le Ke Sab Barkatein | Mah-e-Ramzan Chala Alwida Alwida

ले के सब रहमतें ले के सब बरकतें | माह-ए-रमज़ाँ चला अलविदा अलविदा

शायर: फ़रहान दिल मालेगाँवउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अलविदा' ! अलविदा' ! अलविदा' ! अलविदा' !अलविदा' ! अलविदा' ! अलविदा' ! अलविदा' !

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'अश्क मोमिन की आँखों से बहने लगेऔर दिल रो दिया, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

हम गुनहगार हैं, हम ख़ता-कार हैंहम को मंज़ूर है, हम सज़ा-वार हैंहम से ता'ज़ीम तेरी नहीं हो सकीऔर तू चल दिया, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

जैसे रखने थे रोज़े, नहीं रख सकेहम 'इबादत की लज़्ज़त नहीं चख सकेमौक़ा' अल्लाह ने जो दिया था हमेंहम ने वो खो दिया, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

तेरे आने से रौनक़ जहाँ में हुईरौशनी इक ज़मीं-आसमाँ में हुईहम को जन्नत मिलेगी तेरे फ़ैज़ सेशुक्रिया शुक्रिया, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

हम 'इबादत में आगे बढ़ न सकेदिल लगा कर तरावीह पढ़ न सकेहम नमाज़ों से ग़ाफ़िल रहे जान करजुर्म हम से हुआ, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

तेरे दम से थी इफ़्तार की ने'मतेंवक़्त-ए-सहरी थी अनवार की ने'मतेंरहमतों की घटा छाई थी हर तरफ़हर तरफ़ नूर था, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

कितने लोगों ने क़ुरआन पूरा पढ़ासच्चा मोमिन तो जन्नत की सीढ़ी चढ़ाजिस ने जितनी 'इबादत की अल्लाह कीउतना आगे बढ़ा, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

हम तो मसरूफ़ दुनिया के कामों में हैंफिर भी हम मुस्तफ़ा के ग़ुलामों में हैंहम तो रोज़े का भी कर न पाए लिहाज़थी हमारी ख़ता, अलविदा' अलविदा'

ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतेंमाह-ए-रमज़ाँ चला, अलविदा' अलविदा'

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