नात लिरिक्स

Labaik Ya Aqsa | Momin Hai To Phir Masjid-e-Aqsa Ki Khabar Le

लब्बैक या अक़्सा | मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

शायर: मुसअब शाहीनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

मज़लूम की कुछ दाद-रसी लाज़मी कर लेकुछ जज़्बा-ए-ईमान बढ़ा, ज़ौक़-ए-ख़िज़र ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

अय्यूबी का बेटा हूँ मैं दुनिया को बता देसैहूनि शर-अंगेज़ों की फिर ख़ूब ख़बर ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

जा देख फ़लस्तीं के ख़ूँ-आलूद बदन कोमत आँख चुरा इस से तू मत राह-ए-मफ़र ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

दिल चीर के रख देंगे तेरा अक़्सा के आँसूगर दर्द-ए-दिल-ए-उम्मत-ए-बैज़ा का असर ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

अल-वद'उ ग़रीब उन्ज़ुर अख़ी उन्ज़ुर इल-र्रबतू बहनों की चीख़ों पे ज़रा कान तो धर ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

होंटों पे सजा ना'रा-ए-तकबीर, ऐ शाहीं !उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर ले

मोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

उठ बाँध कमर मर्द-ए-मुजाहिद का जिगर लेमोमिन है तो फिर मस्जिद-ए-अक़्सा की ख़बर ले

लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !लब्बैक लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

लब्बैक लब्बैक, या अक़्सा !

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