नात लिरिक्स

Kis Lab Pe Kya Dua Hai Sarkar Jante Hain

किस लब पे क्या दुआ है सरकार जानते हैं

नात ख़्वान: साजिद क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

किस लब पे क्या दु'आ है, सरकार जानते हैंकिस के दिलों में क्या है, सरकार जानते हैं

किस लब पे क्या सदा है, सरकार जानते हैंसाइल के दिल में क्या है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

मुर्दा है या कि ज़िंदा, बच्ची है या कि बच्चाजो ग़ैब की ख़बर दे वो हैं हमारे आक़ाकिस को भला ख़बर है, मजबूर हर बशर हैमाँ के शिकम में क्या है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

शाख़-ए-खजूर ले कर क़ब्रों पे डालते हैंमय्यत की हर सज़ा को पल भर में टालते हैंमुर्दा है किस जगह का, इस का है माजरा क्याक़ब्रों में हाल क्या है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

मे'राज का सफ़र है, सरकार जा रहे हैंऔर ला-मकाँ पहुँच कर तशरीफ़ ला रहे हैंमे'राज की हक़ीक़त ईमान है ये अपनापर्दे में क्या रखा है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

सिदरा पे ले के पहुँचे, जिब्रील साथ छोड़ेमुझ को न कुछ पता है, कहते हैं हाथ जोड़ेआगे, हुज़ूर ! जाएँ, ये मेरी इंतिहा हैसिदरा के आगे क्या है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

कभी क़ाफ़ कह रहे हैं, कभी सॉद कह रहे हैंकभी 'ऐन कह रहे हैं, कभी हा पे रह रहे हैंजिब्रील कह रहे हैं, ये राज़ की हैं बातेंमा'ना मफ़्हूम क्या है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

शीशों के घर में रह कर पत्थर उछालते हैं'उश्शाक़-ए-मुस्तफ़ा तो तक़दीर टालते हैंहाँ, मीर ! रब है ख़ालिक़ और मुस्तफ़ा हैं मालिकक़िस्मत में क्या लिखा है, सरकार जानते हैं

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैंसरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं

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