नात लिरिक्स

Hota Agar Zameen Par Saaya Rasool Ka

होता अगर ज़मीन पर साया रसूल का

नात ख़्वान: साजिद क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

होता अगर ज़मीन पर साया रसूल काफिर पाओं उम्मती कहाँ रखता रसूल का

पढ़ते हैं यूँ तो ग़ैर भी कलमा रसूल काजन्नत उसे मिलेगी जो होगा रसूल का

करते हैं एहतिराम जनाज़े का इस लिएवो जा रहा है देखने चेहरा रसूल का

दुनिया को देखना भी गवारा नहीं कियाजब तक 'अली ने देखा न चेहरा रसूल का

शेर-ए-ख़ुदा न बनता तो बनता भी और क्या ?बचपन से ही तो था ये पाला रसूल का

ना'रा रज़ा का लगता है दुनिया में इस लिएअहमद रज़ा के लब पे था ना'रा रसूल का

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