नात लिरिक्स

Khwaja-e-Khwajgan Hami-e-Bekasan | Iltija Sun Lo Shah-e-Umam Ke Liye

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ | इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

नात ख़्वान: नुसरत फ़तेह अली ख़ानशायर: फ़ना बुलंदशहरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

चराग़-ए-चिश्त शह-ए-औलिया ग़रीब-नवाज़ !बहार-ए-अंजुमन-ए-मुस्तफ़ा ग़रीब-नवाज़ !

सुनो सुनो, मेरे हाजत-रवा ग़रीब-नवाज़ !मैं दे रहा हूँ सदा पर सदा, ग़रीब-नवाज़ !

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिएकर दो कर दो करम, मुर्शिद-ए-मोहतरम !तुम को भेजा गया है करम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

नूर-ए-शाह-ए-नजफ़ मेरे ख़्वाजा पिया !तेरी चौखट से दुनिया ने पाई 'अताख़ालिक़-ए-दो-जहाँ से ये रुत्बा मिलातेरे दरबार-ए-फ़ैज़-ओ-करम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

शाह-ए-अजमेर ! मेरा मसीहा है तूदर्द-मंदों के दुख का मदावा है तूतेरी निस्बत का दामन रहे हाथ मेंबस दवा है यही रंज-ओ-ग़म के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

थामना हाथ, ऐ सय्यिद-ए-मेहरबाँ !है तेरा काम, ख़्वाजा ! ख़ता-पोशियाँलाज रखना फ़ना की, मु'ईन-ए-जहाँ !हश्र में, ताजदार-ए-हरम के लिए

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ हामी-ए-बे-कसाँ !इल्तिजा सुन लो शाह-ए-उमम के लिए

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