नात लिरिक्स

Kamli Waale Muhammad Ton Sadqe Main Jaan

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँ

नात ख़्वान: नुसरत फ़तेह अली ख़ानशायर: बरी निज़ामीउपलब्ध: हिंदी

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लईमेरी बख़्शिश वसीला मुहम्मद दा नाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

ओह्दे बाझों कोई दुनिया ते प्यारा नईंओह्दे वर्गा कोई जग ते सहारा नईंजे न होंदे मुहम्मद, न होंदा जहाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

दसो गाराँ इच रोया ते किन्ना लई ?पैदा सोहणा जे होया ते किन्ना लई ?क्यूँ नैं मँग दे तुसी काली कमली दी छाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

लाया बदुवाँ नूँ सीने कमाल होयाकोई हब्शी तों हज़रत बिलाल होयाआए दर ते सुवाली नूँ कीती नैं नाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

वेरी पत्थर वी मारण ते हँस दे रहेफिर वी राह-ए-ख़ुदा सब नूँ दस दे रहेबड़ी सिफ़ताँ नाल भर्या ए सारा क़ुरआँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

कमली वाले मुहम्मद तों सदक़े मैं जाँजिन्हें आ के ग़रीबाँ दी बाँ फड़ लई

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