नात लिरिक्स

Khuda Naraz Hai Hum Se Nabi Naraz Hai Hum Se

ख़ुदा नाराज़ है हम से नबी नाराज़ है हम से

शायर: हुद हुद इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

मोबाइल हाथ में ले कर परेशाँ-हाल फिरते हैंतिलावत छट गई है, बँदगी नाराज़ है हम से

अँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

जहाँ दिल को लगाना था, वहाँ दिल तो नहीं लगताकि जिस ने दिल 'अता की है, वही नाराज़ है हम से

अँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

न जन्नत की तमन्ना है, न कुछ ख़ौफ़-ए-जहन्नम हैपरेशाँ-हाल हैं, आसूदगी नाराज़ है हम से

अँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

मोबाइल, बद-निगाही, ग़ैर-महरम, 'इश्क़िया बातेंग़ुलाम-ए-नफ़्स हैं, पाकीज़गी नाराज़ है हम से

अँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

वफ़ा वाले नबी से बे-वफ़ाई के हुए मुजरिममरीज़-ए-ग़ैर-महरम हैं, ख़ुशी नाराज़ है हम से

अँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

ख़ुदा नाराज़ है हम से, नबी नाराज़ है हम सेअँधेरे में खड़े हैं, रौशनी नाराज़ है हम से

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