नात लिरिक्स

Mere Gyarahwin Wale Peer Ghaus-e-Azam Dastgeer | Mere Gyarvi Wale Peer Ghous-e-Azam Dastgeer

मेरे ग्यारहवीं वाले पीर ग़ौस-ए-आज़म दस्तगीर

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मौलाना जमीलुर्रहमान क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुश्किल पड़े तो याद करो दस्त-गीर कोबग़दाद वाले हज़रत-ए-पीरान-ए-पीर कोया ग़ौस ! अल-मददया ग़ौस ! अल-मददया जीलानी ! शैअल-लिल्लाहया जीलानी ! शैअल-लिल्लाहख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काहमें दोनों जहाँ में है सहारा ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काया शाह-ए-जीलाँ ! करम है तेरामेरे ग्यारहवीं वाले पीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !तेरे दर का मैं फ़क़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !तेरा रुत्बा बे-नज़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !मेरी चमका दी तक़दीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !हमारी लाज किस के हाथ है ! बग़दाद वाले केमुसीबत टाल देना काम किस का ! ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म कामुहम्मद का रसूलों में है जैसे मर्तबा आ'लाहै अफ़ज़ल औलिया में यूँ ही रुत्बा ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काजनाब-ए-ग़ौस दूल्हा और बराती औलिया होंगेमज़ा दिखलाएगा महशर में सेहरा ग़ौस-ए-आ'ज़म कानिदा देगा मुनादी हश्र में यूँ क़ादरियों कोकिधर हैं क़ादरी ? कर लें नज़ारा ग़ौस-ए-आ'ज़म कामुख़ालिफ़ क्या करे मेरा कि है बे-हद करम मुझ परख़ुदा का, रहमतुल-लिल-'आलमीं का, ग़ौस-ए-आ'ज़म कामेरे ग्यारहवीं वाले पीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !तेरे दर का मैं फ़क़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !तेरा रुत्बा बे-नज़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !मेरी चमका दी तक़दीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !जमील-ए-क़ादरी! सौ जान से क़ुर्बान मुर्शिद परबनाया जिस ने मुझ जैसे को बंदा ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म काख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ'ज़म का

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।