नात लिरिक्स

Khuda Ka Dil Mein Bas Jana Ye Ik Fazl-e-Khudawandi

ख़ुदा का दिल में बस जाना ये इक फ़ज़्ल-ए-ख़ुदावंदी

शायर: रुदरुद मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुदा का दिल में बस जाना ये इक फ़ज़्ल-ए-ख़ुदावंदीख़ुदा का फ़ज़्ल पाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

मुझे है 'इश्क़ अल्लाह से, मेरा महबूब अल्लाह हैमुझे ये 'इश्क़ होना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

मेरे ईमान की लज़्ज़त ख़ुदा के नाम ही से हैख़ुदा का नाम लेना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

कलामुल्लाह को पढ़ता हूँ, ख़ुदा से बात करता हूँख़ुदा से जी लगाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

ख़ुदा के ज़िक्र से दिल में लगे ज़ंग को मिटाता हूँकि दिल से ज़ंग मिटाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

ख़ुदा की याद में शाम-ओ-सहर मेरे गुज़रते हैंकि इन यादों में बसना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

मैं इक गुमनाम सा रुदरुद फ़क़त अश'आर लिखता हूँमेरा अश'आर लिखना भी ख़ुदा की मेहरबानी है

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