नात लिरिक्स

Khalq Pe Lutf-e-Khuda Hazrat-e-Usman Hain

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-उस्मान हैं

नात ख़्वान: सब्तर अख़्तरीशायर: मुफ़्ती अहमद यार ख़ान न'ईमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैंजुमला मरज़ की दवा, दर्द के दरमान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

नूर-ए-दिल-ओ-'ऐन हैं, साहिब-ए-नूरैन हैंसब के दिल के चैन हैं, मोमिनों की जान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

दस्त-ए-शह-ए-दो-सरा जो कि यदुल्लाह थाहाथ बना आप का, आप वो ज़ीशान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

आप ममदूह-ए-जहाँ ख़ल्क़-ए-ख़ुदा मदह-ख़्वाँक्या है अगर बदगुमाँ चंद बे-ईमान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

गुलशन-ए-दीं की बहार, मोमिनो के ताजदार'इज़्ज़त-ए-हर-ज़ी-वक़ार, ज़ीनत-ए-ईमान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

हक़ ने वो रुत्बा दिया, तुम ग़नी हम सब गदाक्या कहूँ मैं तुम हो क्या, 'अक़्ल-ओ-दिल हैरान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

जो हैं इमाम-ए-अनाम, जिस के हैं हम सब ग़ुलाममरजा'-ए-हर-ख़ास-ओ-'आम हज़रत-ए-'उस्मान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

तुम ग़नी, सालिक गदा, इक नज़र बहर-ए-ख़ुदाआप जहाँ के लिए रहमत-ए-रहमान हैं

ख़ल्क़ पे लुत्फ़-ए-ख़ुदा हज़रत-ए-'उस्मान हैं

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