नात लिरिक्स

Khada Dar Par Sarapa Iltija Hoon Ya Rasoolallah | Khara Dar Par Sarapa Iltija Hoon Ya Rasoolallah

खड़ा दर पर सरापा इल्तिजा हूँ या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: अज़ीम अत्तारीशायर: साजिद अलवी यु.के.उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

खड़ा दर पर सरापा इल्तिजा हूँ, या रसूलल्लाह !ग़ुलाम-ए-कमतरी, अदना गदा हूँ, या रसूलल्लाह !

सहारा दीजिए बे-दस्त-ओ-पा हूँ, या रसूलल्लाह !करम फ़रमाइए, बे-आसरा हूँ, या रसूलल्लाह !

मेरा हाल-ए-ज़बूँ मोहताज है चश्म-ए-'इनायत कापरेशाँ हूँ, गिरिफ़्तार-ए-बला हूँ, या रसूलल्लाह !

मुझे दूरी मदीने की बहुत बे-चैन रखती हैग़म-ओ-रंज-ओ-अलम में मुब्तिला हूँ, या रसूलल्लाह !

ब-नाम-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म मेरे दिल में रौशनी आएमैं तारीकी में मुद्दत से पड़ा हूँ, या रसूलल्लाह !

भिकारी आप का, मैं नाम-लेवा आप का, आक़ा !तलबगार-ए-'अता हूँ, बे-नवा हूँ, या रसूलल्लाह !

मैं साजिद नाम का हूँ, काम का साजिद भी बन जाऊँतही-दामन लिए कब से खड़ा हूँ, या रसूलल्लाह !

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