नात लिरिक्स

Karam Tumhara Rahega Aaqa, Ham Aasiyon Ka Yahi Guzara

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

उपलब्ध: हिंदी

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारातुम्हारे दर पे पड़े रहेंगे, तुम्ही ग़रीबो का हो सहारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

तुम्ही हमारे हो शाफ-ए-मेहशर, तुम्ही हमारे ग़रीब-परवरन भूले दुनियाँ में जब हमें तुम, तो सारा मेहशर ही है तुम्हारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

हाँ ! सदक़ा आले-अ़ली का दे दो, तुम अपने हर एक वली का दे दोहाँ ! दे दो सदक़ा-ए-ज़हरा दे दो, हाँ ! सब से आली है घर तुम्हारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

करम ये रब ने किया है हम पर, बनाया इस ने तुम्हारा है दरबताओ जाऊं कहाँ मैं दर-दर, है कौन आक़ा मेरा सहारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

है मेरा ईमां ये सब से आली, मैं अपने मुर्शिद का हूँ सुवालीहाँ ! नाम-ए-अ़त्तार है जहां में, वही तो सब से तुम्हारा प्यारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारा

खड़ा है मीज़ान पे ये अयां, कहाँ हो आक़ा फंसी है ये जांनहीं है हुस्ने-अ़मल, हाँ ! लेकिन, ये बस तुम्हारा है बस तुम्हारा

करम तुम्हारा रहेगा आक़ा, हम आसियों का यही गुज़ारातुम्हारे दर पे पड़े रहेंगे, तुम्ही ग़रीबो का हो सहारा

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