नात लिरिक्स

Kar Do Karam Maula Kar Do Karam

कर दो करम मौला कर दो करम

नात ख़्वान: नबील शौक़त अली और सनम मारवीशायर: ख़ादिम हुसैनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बिस्मिल्लाहहम्द-ओ-सना रब्ब-ए-ज़ुल-जलाल की

कर दो करम, मौला ! कर दो करमहम पे करम, मौला ! हम पे करम

बिखरे हुए शर्मसार हैं हमरहमत के तलबगार हैं हमवास्ता नबी का, मौला ! रख लो भरम

कर दो करम, मौला ! कर दो करमहम पे करम, मौला ! हम पे करम

देने वाला तू बड़ा हैहम तुझी से माँगते हैंकरता है तू ही 'अता

मुश्किलों की कर कुशाईहम से दे हमें रिहाईइतनी सी है इल्तिजा

बिखरे हुए शर्मसार हैं हमरहमत के तलबगार हैं हमवास्ता नबी का, मौला ! रख लो भरम

कर दो करम, मौला ! कर दो करमहम पे करम, मौला ! हम पे करम

तू ख़ालिक़-ए-दो-जहाँ हैज़र्रे ज़र्रे से 'अयाँ हैतेरी ही हम्द-ओ-सना

रब्ब-ए-काएनात तू हैरब्ब-ए-मो'जिज़ात तू हैबंदों पे तू मेहरबाँ

बिखरे हुए शर्मसार हैं हमरहमत के तलबगार हैं हमवास्ता 'अली का, मौला ! रख लो भरम

कर दो करम, मौला ! कर दो करमहम पे करम, मौला ! हम पे करम

या रब्ब-ए-मुस्तफ़ा !या रब्ब-ए-अंबिया !या रब्ब-ए-मुर्तज़ा !या रब्ब-ए-औलिया !

तू वह्दहू-ला-शरीका-लहूतेरी शान जल्ला जलालुहु

तू करीम है, तू 'अज़ीम हैरहमान है, तू रहीम है

आदम को तू ने इस्म सिखाएनूह से कश्ती को बनवाया

आग लगी गुलज़ार बनायाअपने ख़लील को है बचाया

भेज के मिस्र में यूसुफ़ कोशहंशाह-ए-मिस्र बनाया

यूनुस को पेट में मछली केआयत-ए-करीमा पढ़वाया

तेरे हुक्म से मूसा नेदरिया-ए-नील पार किया

मुर्दों को ज़िंदा करने का'ईसा को मो'जिज़ा है दिया

आख़िर में मेरे आक़ा कोमे'राज पे बुलायादीदार है कराया

या रब्ब-ए-ज़ुल-जलाल !कर दो करम

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