नात लिरिक्स

Kankar Se Kalma Padhwaao, Phir Kehna, Ham Jaise The !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

उपलब्ध: हिंदी

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

तुम भी ज़रा मेअ'राज को जाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !जाओ नमाज़ें ले कर आओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

लोहे से तलवार बनाना आम है दुनिया में लेकिनटहनी को तलवार बनाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

पेशानी पर दाग़ बनाना कोई मुश्किल काम नहींनक़्श-ए-क़दम पत्थर पे बनाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !बाम-ओ-दर-ओ-दीवार सलामी देने लगें कुछ ऐसा करोपेड़ को अपने पास बुलाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

ऊपर जाना, नीचे आना, ये तो बशर की ताक़त हैजन्नत से तुम हो कर आओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

मेरे नबी की बात बड़ी है ! छोड़ो इन सब बातों कोउन के ग़ुलामों से बन जाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

कंकर से कलमा पढ़वाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !डूबे सूरज को लौटाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

उन की हर इक ऊँगली से था जारी चश्मा, ए कलीम !पानी उन प्यासों को पिलाओ, फिर कहना, हम जैसे थे !

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