नात लिरिक्स

Kaha Rab Ne Muhammad Se Wada Ye Hamara Hai

कहा रब ने मुहम्मद से वादा ये हमारा है

नात ख़्वान: अहमद अली हाकिमशायर: अहमद अली हाकिमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कहा रब ने मुहम्मद से, वा'दा ये हमारा हैहम देंगे उसे जन्नत, नौकर जो तुम्हारा है

देखो तो सही मेरे शाहकार के जल्वों कोजैसा है कहा इस ने, वैसा ही सँवारा है

जिस दिन से मिली निस्बत सरकार-ए-दो-'आलम कीउस दिन से बुलंदी पर क़िस्मत का सितारा है

यूसुफ़ के लबों पर भी ये ज़िक्र था महशर मेंसरकार के चेहरे का क्या ख़ूब नज़ारा है

क्या शान-ए-मुहम्मद है ! महबूब की मद्ह मेंउस रब्ब-ए-दो-'आलम ने क़ुरआन उतारा है

ये कम तो नहीं, हाकिम ! करता हूँ सना उस कीकहते हैं जिसे अहमद, हर इक से जो प्यारा है

दाना भी उन्हीं का है, पानी भी उन्हीं का हैहसनैन के टुकड़ों पर दुनिया का गुज़ारा है

जिब्रील-ए-अमीं बोले, कोई भी नहीं उन साक़ुदरत ने मुहम्मद को कुछ ऐसा सँवारा है

शब्बीर ये कहते थे कर्बल में फ़िदा हो करजो कुछ भी था, ऐ नाना ! तेरे नाम पे वारा है

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