नात लिरिक्स

Itna Kafi Hai Zindagi Ke Liye

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

नात ख़्वान: अहमद अली हाकिमशायर: अहमद अली हाकिमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिएरख लें आक़ा जो नौकरी के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

माह-ओ-ख़ुर्शीद उन की चौखट पररोज़ आते हैं रौशनी के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

चाँद-तारे भी उन के क़दमों मेंरोज़ आते हैं रौशनी के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

दोनों 'आलम बनाए मौला नेया नबी ! सिर्फ़ आप ही के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

तक के उन को अय्यूब के घर मेंमहल तरसे हैं झोंपड़ी के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

आ गए क़ब्र में भी छुड़वानेदर्द कितना है उम्मती के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

लंबे सज्दे किये नबी ने, कहाऐ नवासे ! तेरी ख़ुशी के लिए

इतना काफ़ी है ज़िंदगी के लिए

दीद माँगी है उन की, ऐ हाकिम !मैं ने बस वक़्त-ए-आख़री के लिए

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