नात लिरिक्स

Kaba Udas Gumbad-e-Khazra Udas Hai

काबा उदास गुंबद-ए-ख़ज़रा उदास है

नात ख़्वान: रहीम रज़ा बलरामपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

का'बा उदास गुंबद-ए-ख़ज़रा उदास हैजब से मेरे हुसैन का चेहरा उदास है

पीने को एक क़तरा भी पानी नहीं मिलाअफ़सोस तीन दिन का वो प्यासा उदास है

आल-ए-नबी के ग़म में फ़रिश्ते हैं बे-क़रारमक्का तड़प रहा है, मदीना उदास है

जो शीर-ख़्वार बच्चा तड़पता था गोद मेंउस के लिए फ़ुरात का दरिया उदास है

हूरें भी रो रही हैं खड़ी आसमान मेंगुलशन उदास, दोस्तो ! सहरा उदास है

काँधे पे जिन को अपने बिठाया हुज़ूर नेकर्ब-ओ-बला में उन का नवासा उदास है

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