नात लिरिक्स

Jo Sunniyat Ki Shaan Hai Raza Usi Ka Naam Hai | Raza Raza Raza Raza

जो सुन्नियत की शान है रज़ा उसी का नाम है | रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

नात ख़्वान: मुहम्मद सादिक़ रज़वीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जो सुन्नियत की शान है, जो क़ौम का इमाम हैनबी का जो ग़ुलाम है, रज़ा उसी का नाम हैजो रज़वियों की शान है, जो चिश्तियों की आन हैवो क़ादरी पठान है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

नक़ी का प्यारा लाडला, जो 'इल्म का पहाड़ हैजो नज्दियों के वास्ते तो शेर की दहाड़ हैवहाबी जिस से डर गए, बहुत से ही सुधर गएये जिस का फ़ैज़-ए-आम है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

नसीब वाले देखते हैं ख़्वाब में हुज़ूर कोमगर किसी ने जागते में देखा हक़ के नूर कोहै ऐसा कौन, दोस्तो ! बताता हूँ सुनो सुनोवो 'इश्क़ का इमाम है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

रज़ा के बा'द मुस्तफ़ा रज़ा हमें 'अता हुएजिन्हों ने हर मुरीद को मिलाया ग़ौस-ए-पाक सेअब ऐसा पीर है कहाँ सिवा-ए-अज़हरी मियाँदिया हमें इन'आम है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

रज़ा के बा'द मुस्तफ़ा रज़ा का दरिया देखिएहमारे प्यारे अज़हरी मियाँ का जल्वा देखिएहरम में रुत्बा पा गए, ज़माने में जो छा गएये जिस का फ़ैज़-ए-आम है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

रज़ा से जलने वालों के दिए, न'ईम ! बुझ गएजो मस्लक-ए-रज़ा से और सलाम से उलझ गएये ऐसा इक सलाम है, ज़माने में जो आम हैकि जिस का ये सलाम है, रज़ा उसी का नाम है

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

कहा रज़ा के पीर ने, जहाँ के दस्तगीर नेवली-ए-बे-नज़ीर ने, कि पीरों के भी पीर नेजो पूछेगा अगर ख़ुदा, कि तोहफ़ा साथ लाए क्या ?कहेगा आल-ए-मुस्तफ़ा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा !

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